bikaner

Bikaner ke rathore। बीकानेर का राठौड़ राजवंश

Rajvansh History

राव बीका (1465 – 1504 )

  • राव बीका, राव जोधा का पांचवा पुत्र था, इनको “जाँगलधर बादशाह” कहा गया।   
  • राव जोधा के पुत्र राव बीका ने 1465 ई. में बीकानेर नगर की नींव रखी तथा करणी माता को ईष्ट देवी घोषित किया। राठौरो कि कुलदेवी नागनेणची माता है
  • राव बीका के छोटे पुत्र राव लूणकरण को “कलयुग का कर्ण” की संज्ञा बीठू सुजा ने दी। 
  • पाहेबा/साहेबा का युद्ध:-बीकानेर के शासक राव जेतसी व मारवाड़ के शासक मालदेव के मध्य पाहेबा का युद्ध हुआ, इसमें जेतसी मारा गया।
  • जेतसी का पुत्र राव कल्याणमल ने 1570 ईस्वी में नागौर दरबार में अकबर की अधीनता स्वीकार कर मुगलों से वैवाहिक संबंध स्थापित किए।
  • राव कल्याणमल ने “गिरी सुमेल के युद्ध” में शेरशाह सूरी कि सहायता की।
  • राजपूताने का पहला शासक जिसने दिल्ली सल्तनत ( शेरशाह सूरी ) से सबसे पहले सम्बन्ध बनाये।

महाराजा रायसिंह ( 1574-1612 )

  • राव कल्याणमल के पुत्र राव रायसिंह, मुगल साम्राज्य में 5000 मनसबदारी प्राप्त करने वाले,मानसिंह कच्छवाह के बाद दूसरे हिंदू राजा थे।
  • अकबर ने अपने पुत्र सलीम का विवाह राय सिंह की पुत्री के साथ कर दिया।
  • बीकानेर का प्रथम राठौड़ वंशक जिसने महाराजाधिराज उपाधि धारण की।
  • राय सिंह ने मुगल सम्राट के बहुत सारे अभियानों को अपने विवेक से सफल किये तथा विजय रहा।
  • रायसिंह ने संस्कृत भाषा में “रायसिह महोत्सव” वैद्य और “ज्योतिष रतनमाला” नमक ज्योतिष ग्रंथों की भाषा टीका की रचना की।
  • रायसिंह के छोटे भाई पृथ्वीराज राठौर ने गागरोन दुर्ग में डिंगल भाषा में “वेलि कृष्ण रुकमणी री” की रचना थी।

महाराजा कर्ण सिंह (1631 – 1669)

  • नोखा गांव देशनोक में करणी माता जी का मंदिर बनाया गया। यह मंदिर चूहो की देवी के रूप में भी प्रसिद्ध है। 
(image credit : wikipedia)
  • मुग़ल सल्तनत में जब उतराधिकारी युद्ध हुआ तब महाराजा कर्ण सिंह ने ओरंगजेब का साथ दिया।
  • महाराजा कर्ण सिंह व जोधपुर के अमर सिंह राठौर के मध्य “मतीरे कि राड़” युद्ध हुआ।
  • महाराजा अनूपसिंह (1669 – 1698) का शासनकाल बीकानेर चित्रकला का स्वर्णकाल तथा प्राचीन ग्रंथो व गीता का मारवाड़ी में अनुवाद कराया।
  • बीकानेर के शासक अनूप सिंह को विद्वानों का जन्मदाता कहा जाता है।

महाराजा गंगा सिंह (1888 – 1943)

  • आधुनिक  बीकानेर के निर्माता।
  • महाराजा गंगा सिंह ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हेतु सहयोग दिया तथा मांड गायिका अल्लाह जिलाई बाई को आश्रय दिया।
  • छप्पनिया अकाल के समय राहत कार्यों के कुशल प्रबंधन के लिए ब्रिटिश सरकार ने महाराजा गंगा सिंह को “केसर -ए- हिंद” की उपाधि प्रदान की।
  • प्रथम शासक जिसने राजपूताने में कार्यपालिका व न्यायपालिका को पृथक किया।
  • गंग नहर राजस्थान की प्रथम नहर प्रयोजना जिसका निर्माण गंगा सिंह ने करवाया।
  • गंगा सिंह ने रामदेवरा में लोक देवता रामदेव जी के मंदिर का निर्माण कराया।

शार्दुल सिंह (1943-1949)

  • शार्दुल सिंह के शासनकाल में बीकानेर दमन विरोधी दिवस नामक सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ।
  • 30 मार्च 1949 को बीकानेर रियासत का राजस्थान में विलय हुआ।
  • शार्दुल सिंह ने पंजाब के इंजिनियर कंवर सेन को नहर बनवाने के लिए बुलाया।

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